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Sunday, February 22, 2026

कॉफी टेबल पुस्तक का विमोचन

Posted on Sunday 22 February 2026 at 11:08 AM Regarding Book Release 

पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित है यह पुस्तक 


नई दिल्ली
: 22 फरवरी 2026: (डीपीआर//हरियाणा स्क्रीन डेस्क)::

पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेई ,एम अमगांत खूबियां थीं। उनकी शख्सियत में एक विशेष आकर्षण था और साथ ही एक गहन संवेदना भी थी। उनकी शायरी भी विशेष रही।  

नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी पर आधारित कॉफी टेबल पुस्तक के विमोचन समारोह पर राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने शिरकत की। 

पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री विजय गोयल द्वारा लिखित यह पुस्तक अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान के विविध आयामों को समर्पित है।

“यह पुस्तक नई पीढ़ी के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध होगी। इसमें वाजपेयी जी के व्यक्तित्व की गहराई, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के उन पक्षों को प्रस्तुत किया गया है, जो सामान्यतः कम चर्चित रहे हैं।”

Thursday, January 23, 2025

नए आपराधिक कानूनों पर विशेष कानूनी ग्रंथों का विमोचन

चंडीगढ़: 23 जनवरी 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र/ /पंजाब स्क्रीन)::

आज यहां पंजाब एवं  हरियाणा उच्च न्यायालय के परिसर में स्थित बार एसोसिएशन रूम में तीन महत्वपूर्ण कानूनी ग्रंथों का विमोचन किया गया। इस अवसर पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के  मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री शील नागू ने आधिकारिक रूप से "भारतीय न्याय संहिता पर विवेचना और टिप्पणी", "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता पर विवेचना और टिप्पणी", और "भारतीय साक्ष्य अधिनियम पर विवेचना और टिप्पणी" शीर्षक से तीन पुस्तकों का विमोचन किया।

इस अवसर पर विमोचन समारोह की अध्यक्षता मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश,  जस्टिस श्री अजय कुमार मित्तल द्वारा की गई। ये ग्रंथ श्री रविंद्र खंडेलवाल, श्री कमलजीत दहिया, श्रीमती अनु सिंह और श्री वरुण चुघ के सह-लेखन में तैयार किए गए।

इस अवसर पर अपने भाषण में जस्टिस श्री शील नागू ने इन नए कोडों को न्याय, समानता और कानून के शासन के सिद्धांतों को अभिव्यक्त करने वाली एक न्यायिक प्रणाली की ओर एक कदम बताया। उन्होंने कहा  कि भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम न केवल विधायी अपडेट का प्रतीक हैं, बल्कि कानूनी ढांचे के पूर्ण परिवर्तन का प्रतीक हैं जो साइबर अपराध, भीड़ हिंसा और आतंकवाद जैसी आधुनिक चुनौतियों का समाधान करते हैं।

जस्टिस श्री अजय कुमार मित्तल ने कानूनी सुधारों की समयोचितता और प्रासंगिकता की सराहना की, और इन नए कानूनों की जटिलताओं के माध्यम से कानूनी पेशेवरों को शिक्षित करने और मार्गदर्शन करने में इन पाठों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।

इस कार्यक्रम का संचालन हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री जसदेव सिंह बराड़ और  मानद सचिव श्री स्वर्ण सिंह तिवाना ने किया।  इस अवसर पर  बार एसोसिएशन के कई सम्मानित सदस्य उपस्थित थे।

श्री के के खंडेलवाल, जो हरियाणा कैडर के 1985 बैच के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भारत स्काउट्स और गाइड्स के राष्ट्रीय आयुक्त हैं, ने कानूनी, प्रबंधन, और सांस्कृतिक विषयों पर तीन दर्जन से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उनकी व्यापक रचनाएं कानून के विभिन्न क्षेत्रों में समझ और अनुप्रयोग में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

क्रमांक -2025