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Thursday, January 15, 2026

अंबाला स्थित पंचायत भवन में मीडिया वर्कशाप 16 जनवरी को

DIPR:Thursday//15th January 2026 at 05:50PM Media Workshop at Panchayat Bhawan Ambala  

इस मौके पर होंगीं बहुत सी काम की बातें 

चंडीगढ़//अंबाला: 15 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक 32//हरियाणा स्क्रीन डेस्क):: 

मेडिकल के क्षेत्र में
संकेतक फोटो Pexels 
डाक्टर अपने काम का ज़िक्र करते हुए
कहते हैं कि मैं अमुक स्थान पर प्रेक्टिस करता हूं। वकील भी अपने प्रोफेशन का ज़िक्र करते हुए यही कहते हैं कि मैं अमुक जगह पर प्रेक्टिस करता हूं। मानसिक मेहनत और और जिस्मानी श्रम को प्रेक्टिस कहना ही उचित होगा। यह बात पत्रकारिता से जुड़े सभी क्षेत्रों पर लागू होती है। खबर लिखनी हो,  फीचर लिखना हो,  तस्वीरें क्लिक करनी हो या वीडियो बनानी हो तो इसमें निरंतर अभ्यास चार चांद  लगा देता है। अगर इस अभ्यास को छोड़ दिया जाए तो फिर निपुणता में कमी आ जाती है। 

एक बहुत ही लोकप्रिय दोहा कवि वृन्द जी की ‘वृंद-सतसई' से है। इस में वह कहते हैं: 

करत-करत अभ्यास ते जड़मति होत सुजान।

रसरी आवत जात ते सिल पर पड़त निसान॥

निरंतर अभ्यास का फायदा पत्रकारिता में भी होता है। कलम में निखार आ जाता है। कलम की धार तेज़ हो जाती  है।  लिखी जाने वाली कि पोस्ट में पैनापन आ जाता है। इसी सिलसिले में एक वर्कशाप का आयोजन भी हो रहा है। 

सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के प्रैस इंफोरमेशन ब्यूरो (पीआईबी) चंडीगढ़ द्वारा अपर महानिदेशक विवेक वैभव के मार्गदर्शन में 16 जनवरी को स्थानीय मीडिया कर्मियों के लिए अंबाला स्थित पंचायत भवन में मीडिया वर्कशाप ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा। गौरतलब है की ऐसी कार्यशगालयों में शामिल होने बहुत कुछ मिलता है।

Monday, May 12, 2014

भगाणा कांड के पीड़ितों ने की इंसाफ की मांग

 Mon, May 12, 2014 at 9:47 AM
दोषियों को सख्त सजा दी जाए
अनिता भारती
नई दिल्ली, 11 मई। हरियाणा के भगाणा गांव में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई चार नाबालिगों के हक में न्याय की मांग के समर्थन में आज पीड़ितों के साथ भारी संख्या में दिल्ली के सामाजिक कार्यकता, बुद्धिजीवी और विद्यार्थी भी जुटे।  यहां दिल्ली में पंत मार्ग पर स्थित हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास पर धरना देते हुए आंदोलनकारियों ने पीड़ितों के प्रति हरियाणा सरकार के रवैए की तीखी आलोचना की और कहा कि ऐसा लगता है कि हरियाणा सरकार सामंती उत्पीड़नकर्ताओं के पक्ष में खड़ी हो गई है और दलितों-पीड़ितों की आवाज को जानबूझ कर दफन किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर जुटे लोगों ने यहां दिल्ली में सरकार और प्रशासन से यह मांग की कि पीड़ितों पर जुल्म ढाने वाले  और फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन कर पीड़ितों को जल्द से जल्द इंसाफ दिलाई जाए।
आंदोलनकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडा से मिलना चाहते थे, लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कई बैरिकेड तोड़ डाले और आक्रोश से भर कर वहीं हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। जब आंदोलनकारियों का गुस्सा नहीं थमा तो उनमें से दस लोगों के प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव सुरेंद्र दहिया से बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन उन्हें कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया। इस पर आंदोलनकारियों का गुस्सा और क्षोभ और बढ़ गया तब फिर दुबारा सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया, जिसने सुरेंद्र दहिया के सामने जोरदार तरीके से हरियाणा और खासकर भगाणा में दलितों पर होने वाले अत्याचारों का ब्योरा दिया और जल्द कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ पीड़ितों को मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की मांग की। इसके बाद राजनीतिक सचिव की ओर से अगले बहत्तर घंटों के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।   
विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने भगाणा में पीड़ित किशोरियों के सामूहिक बलात्कार में शामिल अपराधियों को संरक्षण देने वाले गांव के सरपंच और उसके साथियों को भी तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। भगाणा कांड सघर्ष समिति के प्रवक्ता जगदीश काजला ने कहा कि भगाणा की इन पीड़ित बच्चियों और परिवारों के साथ हुई यह घटना हरियाणा में दबंगों के आतंक की एक छोटी बानगी है। काजला ने कहा कि जिस गांव में दबंगों ने दलित परिवारों का सम्मान से जीना असंभव कर दिया है, वे वहां लौटना चाहते, इसलिए उन्हें वहां से अलग बसाने की व्यवस्था की जाए। बलात्कार पीड़ित एक बच्ची की मां सोना ने कहा कि हरियाणा में हमें इंसाफ नहीं मिला तो हम दिल्ली के जंतर मंतर पर आए कि यहां हमारी आवाज सुनी जाएगी, लेकिन अब एक महीने होने जा रहा है, आज तक केंद्र सरकार या दिल्ली या फिर हरियाणा के प्रशासन या किसी नेता ने हमारा दुख समझने और यहां तक बात करने तक की भी कोशिश नहीं की। सोना ने आगे कहा कि हम देश और प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि क्या दलितों का कोई सम्मान नहीं होता, उनकी बेटियां क्या बेटी नहीं होती हैं?
भगाणा गांव की एक वृद्ध महिलाए गुड्डी ने कहा कि जिन बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ, उनके सम्मान और गरिमा के खिलाफ अपराध हुआ, वे खुद दिल्ली के जंतर मंतर पर न्याय की आस में बैठी है, लेकिन केंद्र या राज्य सरकार या किसी भी प्रशासन को इनकी बात सुनने की जरूरत महसूस नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन के आखिर में भगाणा कांड संघर्ष समिति ने कहा है कि अगर इस मामले में पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ, तो हम देशव्यापी आंदोलन छेड़ने के लिए तैयार हैं।
भगाणा कांड संघर्ष समिति की ओर से
जगदीश काजला
09812034593
अनिता भारती
09899700767