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Thursday, March 30, 2023

मानव तस्करी के खिलाफ एक महीने का पुलिस अभियान

अभियान का मकसद मानव तस्करी की पूरी तरह से रोकथाम  

चंडीगढ़: 30 मार्च 2023: (कार्तिका सिंह//हरियाणा स्क्रीन डेस्क):: 

आज के आधुनिक और विकसित युग में मानव तस्करी के षड़यंत्र और तेज़ हो गए हैं। विकसित तकनॉलॉजी का फायदा उठाते हुए मानव तस्कर हर पल हर जगह भोलेभाले लोगों को अपना शिकार बनाने की ताक में रहते हैं। इनके इन खतरनाक और नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए हरियाणा पुलिस एक बार फिर मैदान में है। इन मानव तस्करों के खिला एक और नया हरियाणा पुलिस अब एक और अभियान चलने को पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए हर तैयारी पूरी कर ली गई है। अप्रैल महीने अच्धते ही अब मानव तस्करों की फिर से शामत आएगी। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस ने अपने नेटवर्क का जाल बिछा लिया है। 

हरियाणा पुलिस अप्रैल माह में समस्त राज्य में मानव तस्करी के खिलाफ एक महीने का अभियान चलाएगी। इसके माध्यम से पुलिस का उद्देश्य मानव तस्करी के मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाना भी मुख्य मकसद रहेगा तांकि आम लोगों का हौंसला भी बढ़े और हिम्मत भी इसके साथ ही मानवतस्करी के खिलाफ आम जनता की निगाहों को भी तेज़ बनाया जाएगा। 

मानव तस्करी के खिलाफ हरियाणा पुलिस के इस नए और बेहद सख्त विशेष अभियान में बड़े बड़े मगरमच्छ भी पकड़े जाएंगे। इस संबंध में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रदेश भर में चलेगा यह विशेष अभियान। इसके अंतर्गत हर जगह पर पुलिस की मुस्तैद नज़र रहेगी ही। जवानों की चौकसी बहुत से लोगों को इस बार भी बचाएगी। 

इस तरह इस बार हरियाणा पुलिस अप्रैल माह में समस्त राज्य में मानव तस्करी के खिलाफ एक महीने का अभियान चलाएगी। इसके माध्यम से पुलिस का उद्देश्य मानव तस्करी के मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को मानव तस्करी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करना है। आम लोगों को इस दिशा में सतर्क करने के साथ साथ इस दिशा में सहयोगी बनाने को भी प्रेरित किया जाएगा। 

इस अभियान के अंतर्गत पहली अप्रैल से 30 अप्रैल, 2023 तक चलने वाले इस अभियान में सेमिनार, कार्यशाला, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता अभियान जैसी विभिन्न गतिविधियाँ शामिल होंगी। इस दौरान हरियाणा पुलिस बचाव अभियान चलाते हुए मानव तस्करी के पीडि़तों को पुनर्वास प्रदान करने के लिए गैर सरकारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगी।

मानव तस्करी के खिलाफ चलने वाले इस अभियान की जानकारी देते हुए डीजीपी प्रशांत कुमार अग्रवाल ने कहा कि मानव तस्करी एक जघन्य अपराध है जो देश में हर साल हजारों लोगों को प्रभावित करता है। राज्य ने हाल के वर्षों में मानव तस्करी के कई मामलों का खुलासा किया है और हरियाणा पुलिस इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस मानव तस्करी ने बहुत से  परिवारों के जनजीवन को तहस नहस क्र रखा है। खतरे की इस तलवार को अब पूरी तरह से हटा दिया जाएगा। 

हरियाणा पुलिस के इस अभियान के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के खिलाफ महीने भर चलने वाला अभियान इस अपराध से निपटने के हमारे चल रहे प्रयासों का एक हिस्सा है। हम अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि इस अपराध को अंजाम देने वालों को न्याय के कटघरे में लाया जाए।

इस अभियान की सफलता के लिए पुलिस हर संबंध में तैयार है। हरियाणा पुलिस ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे मानव तस्करी से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को उसके आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मुखबिर की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आएगी और आम जनता के जीवन को सुरक्षित रखने के लिए हर सम्भव कदम उठाएगी। इस तस्करी की इस बार कमर तोड़ दी जाएगी। 

इस अभियान की पूर्ण सफलता के लिए फील्ड यूनिट्स को भेजे गए संदेश में सभी एसपी और डीसीपी को अभियान चलाने के लिए कहा गया है। सीपी और आईजी/एडीजी रेंज साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करेंगे। लापता बच्चों और वयस्कों की संख्या का पता लगाने और भिखारियों और मजदूरों को बचाए जाने पर महीने के अंत में फील्ड इकाइयों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। इस दिशा में, पुलिस गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों की फिर से जांच करेगी और आस-पास के राज्यों में आश्रयों और बाल गृहों में पुलिस टीमों को यह देखने के लिए भेजेगी कि उनमें से कोई वहां रह रहा है या नहीं। गुमशुदा बच्चों के मामले धारा 363-366 आईपीसी के तहत दर्ज किए जाते हैं, जबकि लापता वयस्कों के मामले 346 आईपीसी के तहत दर्ज किए जाते हैं।

गौरतलब है कि हरियाणा पुलिस ने वर्ष 2022 में, 3379 लापता महिला और 6340 पुरुष वयस्कों का पता लगाया। साथ ही, लापता 1144 लडक़ों और 1426 लड़कियों को भी बरामद किया। इसके अतिरिक्त, इसने 41 बंधुआ मजदूरों को भी मुक्त कराया था।

इसी अवधि में, राज्य अपराध शाखा की 22 एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट्स (एएचटीयू) ने लापता 316 पुरुष वयस्कों और 373 महिलाओं का पता लगाया। साथ ही, वर्ष के दौरान लापता हुए 313 लडक़ों और 227 लड़कियों का भी पता लगाया। इसके अतिरिक्त, 2022 में 639 पुरुष और 294 महिला भिखारियों और 1300 पुरुष और 52 महिला बंधुआ मजदूरों को बचाया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, लापता व्यक्ति का मामला आगे की जांच के लिए राज्य अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया जाता है, अगर यह जिले में चार महीने से अधिक समय तक अनसुलझा रहता है।

इस बार भी इस अभियान के माध्यम से, हरियाणा पुलिस का लक्ष्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग, अन्य राज्य पुलिस और गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर बिछुड़ों को उनके प्रियजनों के साथ फिर से जोड़ते हुए परिवार में मुस्कान वापस लाना है। क्रमांक – 2023

Saturday, November 20, 2021

हरियाणा पुलिस ने हासिल की बहुत बड़ी सफलता

राहगीरों को लूटने वाला अंतरराजीय गैंग काबू 

चंडीगढ़: 20 नवंबर 2021: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::

हरियाणा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राहगीरों को लूटने के साथ-साथ फर्जी आईडी की सिम के सहारे महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश के लोगों से संपर्क करके उन्हें असली सोना बेचने का झांसा देकर नकली सोने की बिक्री करने वाला शातिर गिरोह काबू कर लिया है। इस गिरोह ने लोगों की नाक में दम कर रखा था। लोग इसकी  शिकायतें कर के भी थक चुके थे।  पुलिस भी इस गिरोह के पीछे थी लेकिन यह गिरोह इतना शातिर था कि हर बार बच निकलता था। पर आखिर कब तक बचता? एक दिन पुलिस के हाथों का शिकंजा इस गिरोह तक पहुँच ही गया। हरियाणा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राहगीरों को लूटने के साथ-साथ फर्जी आईडी की सिम के सहारे महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश के लोगों से संपर्क करके उन्हें असली सोना बेचने का झांसा देकर नकली सोने जैसी धातु को बेचकर ठगी करने का धंधा करने वाले दो आरोपियों को जिला नूंह से गिरफ्तार किया है।

पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यह जानकारी देते हुए बताया कि उनके कब्जे से करीब 5 करोड़ कीमत की 17 नकली सोने की ईंटे (बिस्कूट नुमा पीस), एक अवैध देशी पिस्टल, दो रौंद मैगजीन सहित, सात मोबाइल फोन, व अन्य सामान बरामद किया है। दोनों आरोपी टटलू गैंग के सदस्य हैं।

आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र व अन्य राज्यों के लोगों को बुलाकर करते थे ठगी

प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महाराष्ट्र की एक पार्टी के साथ बड़ी ठगी करने की फिराक में थे। उन्होंने फर्जी मोबाइल नंबरों से महाराष्ट्र व आंध्रप्रदेश की एक पार्टी से संपर्क करके अपने खेतों में करीब 10 किलो सोना दबा हुआ निकला बताकर उसे बेचने के लिए बुलाया था। नकली सोने की ईटों को बेचकर उन्हें पार्टी से 35 लाख रुपये की ठगी करनी थी। पार्टी द्वारा एक दिन बाद आने की बात बोलने पर आरोपियों ने राहगीरों के साथ लूटपाट करने का भी प्लान बनाया था। आरोपियों द्वारा लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए गाड़ी पर राजस्थान नम्बर की फर्जी नम्बर प्लेट को लगाया हुआ था।

काबू किए गए आरोपियों की पहचान कासिम निवासी रसूलपुर थाना पुन्हाना हालाबाद बी0डी0आई0 आनन्दा झिवाना जिला अलवल (राजस्थान) व हामिद निवासी वार्ड नं0 9, शिव नगर तावडू के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना सदर नूंह में मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही शुरु की है।  लूट की फिराक में खड दोनों को पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर नूंह-पलवल रोड़ घासेड़ा नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।

आरोपियों को कोर्ट में पेश कर और अधिक गहनता से पूछताछ के लिये पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

Friday, January 3, 2014

हरियाणा: झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान तेज़

पांच दिनों में लगभग 50 गैर पंजीकृत तथा अनाधिकृत मामलों में पुलिस प्राथमिकी दर्ज 
File and courtesy photo 
चंडीगढ़, 2 जनवरी 2014:
हरियाणा खाद्य एवं औषध प्रशासन द्वारा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पिछले पांच दिनों में लगभग 50 गैर पंजीकृत तथा अनाधिकृत झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है तथा उनके चिकित्सा उपकरणों एवं दवाइयों को कब्जे में लिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए खाद्य एवं औषध प्रशासन के आयुक्त डॉ राकेश गुप्ता ने बताया कि इस दौरान 10 मामले एमटीपी एक्ट के तहत भी दर्ज किये गये है, जिसमें से छह मामले बहादुरगढ़ के है जबकि एक-एक मामला लाखनमाजरा, हांसी, फतेहाबाद तथा सिरसा का है। डॉ गुप्ता ने बताया कि खाद्य एवं औषध प्रशासन द्वारा अप्रैल, 2013 से अब तक गैर पंजीकृत तथा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ लगभग 240 मामले दर्ज करवाये जा चुके है। इनमें फरीदाबाद के 61 मामले, अंबाला के 43 मामले, कुरूक्षेत्र के 23 मामले, गुड़गांव के 31 तथा सिरसा के 14 मामले शामिल हैं। राज्य औषध नियंत्रक डॉ जी एल सिंगल ने बताया कि इस अभियान के दौरान ऐसे और भी मामले सामन आये है, जिनमें दाईयां व एएनएम गैर कानूनी ढंग से गर्भपात करती पायी गई है। इस दौरान उनके कब्जे से भारी मात्रा में वैज्ञानिक औजार पाये गये है। इन सभी के खिलाफ के एमटीपी एक्ट 1971 तथा पीसी एंड पीएनडीटी, 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किये गये है। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान बहादुरगढ़ में एक महिला एएनएम के घर से डायरी प्राप्त हुई है, जिसमें गत 2-3 वर्षों के दौरान उसके द्वारा किये गये लगभग 500 अवैध एमटीपी मामले करने का रिकार्ड प्राप्त हुआ है। इस डायरी के आधार पर विभिन्न अल्ट्रासाऊंड सैंटरों पर छापामारी की गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी एएनएम मंजू लता का पति भगत सिंह भी एक बीएएमएस डॉक्टर के रूप में कार्य कर रहा था जोकि एक छोलाछाप डॉक्टर है तथा पुलिस द्वारा जांच में उसकी डिग्री फर्जी पाई गई है, जिस पर भारतीय चिकित्सा परिषद् अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। इसी प्रकार का बहादुरगढ में एक अन्य सैंटर और पाया गया है, जिसके खिलाफ भी गत रात्रि मामला दर्ज कर लिया गया है तथा उनकी अल्ट्रासाऊंड मशीन को कब्जे में लिया गया है।