Friday, December 6, 2019

गीता एक महा ग्रंथ ही नहीं हमारी जीवन शैली भी

कहा हरियाणा की महिला एवं बाल विकास तथा अभिलेखागार राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने
चंडीगढ़6 दिसम्बर 2019: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास तथा अभिलेखागार राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा ने कहा कि गीता एक महा ग्रंथ ही नहीं हमारी जीवन शैली भी है। इसलिए, राज्य सरकार द्वारा युवा पीढ़ी को संस्कार व संस्कृति से जोडऩे के लिए कुरूक्षेत्र में अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव का भव्य आयोजन करने के अलावा जिला स्तर पर भी गीता जयंती महोत्सव आयोजित करवाए जा रहे हैं । 
श्रीमती कमलेश ढांडा आज कैथल में भाई उदय सिंह किला परिसर में आयोजित जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव में प्रदर्शनी का उद्घाटन व अवलोकन करने के उपरांत उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने इस अवसर पर हवन यज्ञ में आहुति डाली तथा समारोह के निर्विघ्न संचालन की कामना की।
राज्य मंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि भगवान श्रीकृष्ण ने कुरूक्षेत्र की पवित्र धरती पर गीता का अमर संदेश दिया। गीता के 18 अध्यायों व 700 श्लोकों में जीवन का सार मानवता के सामने प्रस्तुत किया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा गीता के प्रचार-प्रसार तथा गीता के संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए जिला स्तर पर भी गीता जयंती महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के प्रयासों से प्रदेश सरकार द्वारा श्रीमद् भगवद् गीता को वैश्विक मंच पर 2016 में शुरू किया गया, जिसका विस्तार अब मोरिशस और लंदन तक हो गया है।
उन्होंने लोगों का आह्वïान किया कि वे गीता के एक-एक शब्द में छुपे गूढ़ ज्ञान को समझे और उसे अपने जीवन में आत्मसात करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि गीता हमें  जीवन की हर कठिनाई और परेशानी में निपटने के लिए बल, मजबूती, हिम्मत और शक्ति देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गीता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए  गीता ज्ञान पर आधारित प्रदर्शनियों, निबन्ध लेखन, श्लोकोचारण और शोभा यात्रा जैसे विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
राज्य मंत्री ने गीता  महोत्सव के दौरान लगाई गई तीन दिवसीय प्रदर्शनी में गीता के अमर संदेश व सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित प्रदर्शित की गई प्रचार सामग्री का अवलोकन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण कृपा समिति द्वारा प्रदर्शनी में लगाए गए प्रथम स्टाल पर दीप प्रज्ज्वलन, गीता आरती व पुष्प वर्षा में भी भाग लिया। इसके उपरांत श्रीमती कमलेश ढांडा ने प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा संबंधित विभाग के अधिकारियों से प्रदर्शनी के बारे में जानकारी भी हासिल की।
इस अवसर पर कैथल की उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने मुख्यातिथि श्रीमती कमलेश ढांडा तथा विशिष्टï अतिथि विधायक लीला राम को स्मृति चिह्नï व शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

Tuesday, December 3, 2019

कुरुक्षेत्र एक आध्यत्मिक, धार्मिक और शिक्षा के केन्द्र है

राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने  दी गीता महोत्सव की बधाई
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में विशेष आयोजन 
चंडीगढ़: 3 दिसंबर 2019: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::
हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कुरुक्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय  गीता महोत्सव कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद भगवद सदन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय  विचार गोष्ठी में प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की बधाई देते हुए कहा कि कुरुक्षेत्र एक आध्यत्मिक, धार्मिक और शिक्षा के केन्द्र है। इस महान भूमि की धूल को मानव अपने माथे पर लगाकर स्वयं का धन्य मानता है। कुरुक्षेत्र को भारत की प्राचीन संस्कृति का उदगम स्थल भी कहा जाता है। कुरुक्षेत्र ऋषियों मुनियों तथा देवताओं की तपोस्थली, कर्मभूमि और यज्ञभूमि के रूप में विश्वभर में विख्यात है।
उन्होंने कहा कि गंगाजल से तो केवल मुक्ति ही प्राप्त होती है लेकिन कुरुक्षेत्र के जल,थल और वायु तीनों ही मुक्ति के प्रदाता है। गीता एक ऐसा धार्मिक ग्रंथ है जो कर्मप्रधान पर आधारित है। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में वसुधैव कुटम्बकम का संदेश दिया। यह संदेश निष्काम कर्म का एक दर्शन है जोकि हर प्राणी और प्रत्येक समाज एवं राष्ट्र की उन्नित का आधार है। यहां तक की बाबा साहिब डा. भीमराव अम्बेडकर ने भी गीता के वसुधैव कुटम्बकम के उद्देश्य को आत्मसात किया है। उन्होंने शिक्षित, संगठित रहने की व्याख्या गीता से ही ली। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भी गीता से प्रेरणा पाकर अपने एकात्मक मानवतावाद में अन्तोदय का संदेश दिया।
राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि कुरुक्षेत्र की भूमि पर कौरवों और पांडवों के बीच जो धर्म युद्ध हुआ था; इसमें भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। जिसकी प्रासंगिकता आज भी है, स्वयं हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गीता के सिद्धांतों को अपनाकर निष्काम कर्म से समाज के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई। उन्होंने गोष्ठी में उपस्थित मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत सहित विभिन्न देशों के राजदूतों और मंत्रियों के साथ-साथ गोष्ठी में उपस्थित लोगों को इस अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की बधाई देते हुए इस गीता के संदेश को दैनिक जीवन में उतारने की अपील भी की।

Monday, December 2, 2019

महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा:करुक्षेत्र में भी बुलंद हुई आवाज़

ब्रह्मसरोवर पर आयोजित हो रही गीता जयंती पर पहुंचे प्रदर्षनकारी
कुरुक्षेत्र: 2 दिसंबर 2019:(हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो):: 
हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक से सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाकर हत्या किए जाने की वीभत्स घटना व रांची में कानून की छात्रा के अपहरण व गैंगरेप की बर्बर घटना  के खिलाफ आज जन संघर्ष मंच हरियाणा के कार्यकर्ताओं ने रोष प्रदर्शन किया। आए दिन महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे यौन हिंसा, सामूहिक दुष्कर्म व हत्या जैसी घटनाओं के खिलाफ इस रोष प्रदर्शन की शुरूआत महाराणा प्रताप चौक से की गई व प्रदर्शन का नेतृत्व मंच जिला सचिव चंद्र रेखा ने किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम सरकारो व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ब्रह्मसरोवर पर आयोजित हो रही गीता जयंती पर पहुंचे और वहां पर अपना रोष व्यक्त किया।जहां आम लोगों ने भी महिलाओं की सुरक्षा में नाकाम पुलिस प्रशासन व सरकार के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त किया।

मंच सचिव चंद्र रेखा ने कहा कि आज महिलाएं घर, सड़क, दफ्तर कहीं पर भी सुरक्षित नहीं है। छोटी बच्ची से लेकर वृद्धा महिलाएं बलात्कार की शिकार हो रही है। भारत महिलाओं के लिए दुनिया में सबसे असुरक्षित देश बन गया है। लेकिन देश की सरकार व पुलिस प्रशासन की नाकामी की वजह से अपराधियों के हौसले बुलंद है। महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे व खोखले नारों की असलियत आज यह है कि महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा मामलों में सजा दर बहुत कम है । मंत्री व नेताओं की मानसिकता अपराधियों को सजा दिलवाने व उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाहियां करने के बजाय पीड़िता को ही कसूरवार ठहराने की होती है। हैदराबाद मामले में पीड़िता के परिवार के पुलिस ने इधर से उधर चक्कर कटवाए, अपराधियों को तत्काल पकड़ने की कोशिश करने के बजाय अपनी नाकामी दिखाई है जो कि  घोर निंदनीय है ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाए ।
मंच जिला उपप्रधान उषा ने कहा कि बलात्कार जैसी वीभत्स घटनाओं को सांप्रदायिक रंग दिया जाना अत्यंत शर्मनाक है। हैदराबाद की घटना हो या कठुआ गैंगरेप जिस तरह बलात्कार की घटनाओं को सांप्रदायिक रंग दिए जाने की कोशिशें की गई यह अपराधों के प्रति संवेदनहीनता पैदा करना है। हैदराबाद, रांची, बागपत, दिल्ली एनसीआर में घटने वाली कुछ घटनाएं ही मीडिया में आने से सामने आ रही है, लेकिन हर रोज गरीब, दलित, आदिवासी महिलाओं के खिलाफ बर्बर अत्याचार की घटनाएं घट रही है। जो रिपोर्ट भी नहीं हो पाती है। पुलिस प्रशासन की संवेदनहीनता व नाकामी का नतीजा है कि पैसे, राजनीति के बल पर अपराधियों को कोई डर नहीं है। निर्भया कांड के बाद भी महिलाओं पर हो रहे अपराधों में कोई कमी नहीं आई है। एक तरफ जहां न तो जस्टिस वर्मा कमेटी की सभी सिफारिशें मानी गई है, दूसरी तरफ निर्भया फंड के तहत जारी की राशियां भी इस्तेमाल नहीं की गई है।
केंद्र की मोदी सरकार 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारे तो दे रही है लेकिन महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई भी ठोस कदम उठाने में पूरी तरह आंखें मूंदे बैठी है। देश की जनता का पैसा सरकार विज्ञापनों के जरिए   वाहवाही करवाने में तो खर्च किया जा रहा है लेकिन महिलाओं की सुरक्षा के लिए मूलभूत आवश्यकताओं जैसे सड़कों पर रोशनी का प्रबंध, सीसीटीवी कैमरों, महिलाओं के लिये सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर कोई खर्च नहीं किया जा रहा है। रेप पीड़िताएं न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होती है , लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जाती । 
मंच मांग करता है कि हैदराबाद में महिला डॉक्टर के हत्यारों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, रांची की पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय  दिया जाए ।महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। बलात्कार-यौन हिंसा की घटनाओं को सांप्रदायिक रंग देना बंद किया जाए। मंच आह्वान करता है कि महिलाओं पर बढ़ते अपराधों के खिलाफ जन आंदोलन तेज किया जाए ।
रोष प्रदर्शन में मंच राज्य प्रधान फूल सिंह, जिला प्रधान संसार चंद्र, कविता विद्रोही, शिल्पी, कोमल, मंदीप, राजिंदर कौर , सीमा, करनैल सिंह ,अमनदीप, करमजोत ,पूजा ,बलजीत, भारती ,संतोष आदि मौजूद रहे।

जारी कर्ता:

डॉ. लहना सिंह, प्रवक्ता जन संघर्ष मंच हरियाणा

हरियाणा के प्रत्येक थाने में 2-2 पीसीआर उपलब्ध करवाई जाएगी

जल्द ही खरीदे जायेंगे 400 से अधिक वाहन 
जरूरतमंद महिलाओं की सुरक्षा पर हरियाणा के गृहमंत्री श्री अनिल विज का बयान 

चंडीगढ़: 2 दिसम्बर 2019: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::
हरियाणा के गृहमंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि जरूरतमंद महिलाओं एवं लोगों को शीघ्र सहायता पहुंचाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक थाने में 2-2 पीसीआर उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके लिए जल्द ही 400 से अधिक वाहन खरीदे जाएंगे।

श्री विज ने कहा कि पूरे हरियाणा की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है ताकि राज्य में कोई भी आपराधिक तत्व कहीं पर भी को असामाजिक गतिविधि को अंजाम न दे सके। पुलिस को सांय के समय समुचित गश्त करने की हिदायत दी गई है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक शीघ्र सहायता पहुंचाने के लिए राज्य में जल्द ही डायल 100 सेवा शुरू होगी, इसके लिए जल्दी ही पुलिस विभाग की बैठक बुलाई जाएगी।
गृहमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा उठाए गए कैग मुद्दे पर पब्लिक अकाऊंट कमेटी जांच करेगी, जिसके बाद यदि कोई भी दोषी होगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्ष को संविधान एवं कानूनी प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए, इसके लिए सभी आरोपों की गहन जांच के बाद ही उचित निर्णय लिया जाएगा।

Wednesday, May 9, 2018

उद्देश्य हरियाणा को विश्वपटल पर पहचान देना-सुश्री कविता जैन

हरियाणा कला परिषद की समीक्षा बैठक में वेबसाईट भी लांच की 
चंडीगढ़: 9 मई 2018: (हरियाणा स्क्रीन ब्यूरो)::
फाईल फोटो//फेसबुक 
हरियाणा की कला एवं संस्कृति मंत्री श्रीमती कविता जैन ने कहा कि राज्य सरकर का उद्देश्य हरियाणा की संस्कृति और कला को विश्वपटल पर पहचान देना है, ताकि भावी पीढ़ी को हरियाणा के इतिहास और कला संस्कृति से जुड़ाव हो सके।

यह बात श्रीमती कविता जैन ने आज यहां उनकी अध्यक्षता में हुई हरियाणा कला परिषद की समीक्षा बैठक के दौरान कही। बैठक में श्रीमती जैन ने हरियाणा कला परिषद की वेबसाइट भी लॉन्च की।

श्रीमती कविता जैन ने कहा कि हमारा देश संस्कृति और संस्कारों से जुड़ा हुआ देश है। इसलिए विकास के साथ-साथ संस्कृति और संस्कारों को भी निरंतर बढ़ाने की  आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार की  यही मंशा है कि प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा मिले और भावी पीढ़ी इस संस्कृति को अपनाएं। उन्होंने कहा कि कला संस्कृति एक ऐसा माध्यम है जिससे समाज में किसी भी विषय पर जागरूकता लाने और समाज की सोच बदलने का कार्य प्रभावशाली तरीके से किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हरियाणा की कला संस्कृति को लोक गीतों, कार्यक्रमों इत्यादि के माध्यम से प्रदेश के कोने-काने तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से हरियाणा की खान-पान, कला व संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएं।
हरियाणा कला परिषद द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कला एवं संस्कृति मंत्री ने अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि स्कूलों में कला अध्यापक लगाया जाए और स्कूली बच्चों को कला संस्कृति के बारे में पढ़ाया जाए ताकि बच्चों को हरियाणा के इतिहास  और कला संस्कृति का प्रगाढ़ अध्ययन हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ओपन थियेटर के विचार पर भी कार्य करना चाहिए, जिससे लोगों का कला संस्कृति के प्रति अधिक जुड़ाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हरियाणा की विलुप्त विधाओं को आज भी जीवंत रखने का कार्य कर रहे हैं उनके लिए कोई विशेष नीति बनाई जानी चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।
बैठक में श्रीमती जैन को बताया गया कि विभाग द्धारा ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे पूर्ण रूप दे दिया जाएगा। इस पोर्टल पर प्रदेश के कलाकार अपना पंजीकरण करवा सकेंगे। पंजीकरण होने के बाद कलाकारों को दी जाने वाली राशि सीधे उनके खाते में पहुंचा दी जाएगी। जिससे कलाकारों को शोषण होने से बचेगा और सिस्टम में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल, सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त निदेशक श्री सुधांशु गौतम, हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष, श्री सुदेश शर्मा और क्षेत्रीय निदेशक उपस्थित थे।

Monday, May 12, 2014

भगाना काण्ड पीड़िता के चाचा ने खाया ज़हर

हालत खराब--अब वेंटिलेटर पर 
हिसार: 12 मई 2014: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो): 
लगता है लोग द्रोपदी क चीरहरण और उसके परिणाम स्वरूप हुआ महाभारत--सब कुछ भूल चुके हैं। अगर ऐसा नहीं होता तो भगाना कांड की एक पीड़िता के चच्चा को ज़हर नहीँ खानी पड़ती। भगाना गांव की चार रेप पीड़िताओं में से एक के चाचा ने सोमवार देर शाम गांव में ही जहर खा लिया। नतीजतन अब वह वेंटिलेटर पर है। पुलिस के मुताबिक देर रात उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। इस पीड़िता की चाची ने आरोप लगाया है कि दुष्कर्म मामले में उचित कार्रवाई नहीं किए जाने से बेहद निराश और दुखी हो उनके पति ने जहर खाया है। देश की महानता के नारों और महिला सूरक्षा के दावों क खोखलापन उजागर करने वाली इस घटना ने फ़िर कई स्वाल उठाएं हैँ।  
गौरतलब है कि भगाना में गत 23 मार्च को चार लड़कियों का अपहरण हो गया था। वे सभी बठिंडा में मिली थीं। पुलिस व प्रशासन के रवैये से क्षुब्ध भगाना के ग्रामीणों व पीड़ित चारों लड़कियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना भी शुरू किया था। इसके साथ ही उन्होंने नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के आवास का घेराव भी किया।
प्रशासन पर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए सोमवार देर शाम एक पीड़िता के चाचा ने घर के बाहर गांव में ही जहर खा लिया। जहर के असर पर वह गली में गिर गया। देर शाम ग्रामीणों ने जब उसे गली में पड़े देखा तो हांसी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहर खाने वाले व्यक्ति की पीड़िता भतीजी ने ही आरोपियों की पहचान की थी।
डाबड़ा दुष्कर्म पीड़िता के पिता ने भी खाया था जहर
डाबड़ा दुष्कर्म की पीड़िता के पिता ने भी अपनी बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना का पता चलने पर परेशान होकर जहर खा जान दे दी थी। उस मामले में काफी हंगामा हुआ था और आरोपियों को पकड़ा गया था। इस मामले में कई लोगों को सजा हुई थी और कई छूट गए थे। कानून के "लम्बे हाथों की सख़्ती"  एक बार फिर सवालों के घेरे में है। देखना है देवी के 9 रूपों की पूजा करने वाला यह समाज इन लडकियों को कब इन्साफ दिल पाता है। 

भगाणा कांड के पीड़ितों ने की इंसाफ की मांग

 Mon, May 12, 2014 at 9:47 AM
दोषियों को सख्त सजा दी जाए
अनिता भारती
नई दिल्ली, 11 मई। हरियाणा के भगाणा गांव में सामूहिक बलात्कार की शिकार हुई चार नाबालिगों के हक में न्याय की मांग के समर्थन में आज पीड़ितों के साथ भारी संख्या में दिल्ली के सामाजिक कार्यकता, बुद्धिजीवी और विद्यार्थी भी जुटे।  यहां दिल्ली में पंत मार्ग पर स्थित हरियाणा के मुख्यमंत्री आवास पर धरना देते हुए आंदोलनकारियों ने पीड़ितों के प्रति हरियाणा सरकार के रवैए की तीखी आलोचना की और कहा कि ऐसा लगता है कि हरियाणा सरकार सामंती उत्पीड़नकर्ताओं के पक्ष में खड़ी हो गई है और दलितों-पीड़ितों की आवाज को जानबूझ कर दफन किया जा रहा है। बड़े पैमाने पर जुटे लोगों ने यहां दिल्ली में सरकार और प्रशासन से यह मांग की कि पीड़ितों पर जुल्म ढाने वाले  और फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन कर पीड़ितों को जल्द से जल्द इंसाफ दिलाई जाए।
आंदोलनकारी हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडा से मिलना चाहते थे, लेकिन भारी संख्या में पुलिस बल ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस के कई बैरिकेड तोड़ डाले और आक्रोश से भर कर वहीं हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। जब आंदोलनकारियों का गुस्सा नहीं थमा तो उनमें से दस लोगों के प्रतिनिधिमंडल को हरियाणा के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव सुरेंद्र दहिया से बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन उन्हें कार्रवाई का भरोसा नहीं दिया। इस पर आंदोलनकारियों का गुस्सा और क्षोभ और बढ़ गया तब फिर दुबारा सात लोगों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाया गया, जिसने सुरेंद्र दहिया के सामने जोरदार तरीके से हरियाणा और खासकर भगाणा में दलितों पर होने वाले अत्याचारों का ब्योरा दिया और जल्द कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ पीड़ितों को मुआवजा देने और उनके पुनर्वास की मांग की। इसके बाद राजनीतिक सचिव की ओर से अगले बहत्तर घंटों के भीतर मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया।   
विरोध प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने भगाणा में पीड़ित किशोरियों के सामूहिक बलात्कार में शामिल अपराधियों को संरक्षण देने वाले गांव के सरपंच और उसके साथियों को भी तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। भगाणा कांड सघर्ष समिति के प्रवक्ता जगदीश काजला ने कहा कि भगाणा की इन पीड़ित बच्चियों और परिवारों के साथ हुई यह घटना हरियाणा में दबंगों के आतंक की एक छोटी बानगी है। काजला ने कहा कि जिस गांव में दबंगों ने दलित परिवारों का सम्मान से जीना असंभव कर दिया है, वे वहां लौटना चाहते, इसलिए उन्हें वहां से अलग बसाने की व्यवस्था की जाए। बलात्कार पीड़ित एक बच्ची की मां सोना ने कहा कि हरियाणा में हमें इंसाफ नहीं मिला तो हम दिल्ली के जंतर मंतर पर आए कि यहां हमारी आवाज सुनी जाएगी, लेकिन अब एक महीने होने जा रहा है, आज तक केंद्र सरकार या दिल्ली या फिर हरियाणा के प्रशासन या किसी नेता ने हमारा दुख समझने और यहां तक बात करने तक की भी कोशिश नहीं की। सोना ने आगे कहा कि हम देश और प्रशासन से पूछना चाहते हैं कि क्या दलितों का कोई सम्मान नहीं होता, उनकी बेटियां क्या बेटी नहीं होती हैं?
भगाणा गांव की एक वृद्ध महिलाए गुड्डी ने कहा कि जिन बच्चियों के साथ बलात्कार हुआ, उनके सम्मान और गरिमा के खिलाफ अपराध हुआ, वे खुद दिल्ली के जंतर मंतर पर न्याय की आस में बैठी है, लेकिन केंद्र या राज्य सरकार या किसी भी प्रशासन को इनकी बात सुनने की जरूरत महसूस नहीं हुई। विरोध प्रदर्शन के आखिर में भगाणा कांड संघर्ष समिति ने कहा है कि अगर इस मामले में पीड़ितों के साथ न्याय नहीं हुआ, तो हम देशव्यापी आंदोलन छेड़ने के लिए तैयार हैं।
भगाणा कांड संघर्ष समिति की ओर से
जगदीश काजला
09812034593
अनिता भारती
09899700767